(ग्रेटर नोएडा) ग्राम अस्तौली एवं आसपास के प्रभावित गांवों के ग्रामीण आज भारी संख्या में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहुंचकर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) को ज्ञापन सौंपेंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव असरौली स्थित अपशिष्ट निस्तारण केंद्र से निकलने वाली दुर्गंध, प्रदूषण और जहरीली गैसों के कारण क्षेत्र के लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार इस अपशिष्ट केंद्र का असर लगभग एक किलोमीटर के दायरे में बसे कई गांवों — सरसपुर, बंजरपुर, गढ़ी आजमपुर, फतेहपुर, हिरनौटी, कमलपुर समेत अन्य गांवों — पर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि दुर्गंध के कारण सांस लेने में परेशानी, स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें और दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि केंद्र के आसपास फैली लगभग 35 हेक्टेयर क्षेत्र की बागवानी और आम के बाग भी प्रदूषण की चपेट में आ गए हैं, जिससे किसानों और बाग स्वामियों को आर्थिक नुकसान की आशंका है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि अपशिष्ट निस्तारण केंद्र के करीब ही श्री लक्ष्मी नारायण धाम स्थित है, जहां प्रत्येक बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। दुर्गंध और प्रदूषण के कारण धार्मिक वातावरण प्रभावित हो रहा है तथा श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इन्हीं समस्याओं को लेकर आज ग्रामीण ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहुंचकर सीईओ के समक्ष अपनी मांग रखेंगे। ग्रामीणों की मांग है कि जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए अपशिष्ट निस्तारण केंद्र को आबादी एवं धार्मिक स्थलों से दूर किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्रवासी आंदोलन तेज करने को मजबूर होंगे।
