(ग्रेटर नोएडा) शहर के नॉलेज पार्क स्थित आईआईएमटी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट में दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस का गुरुवार को समापन हो गया। संगोष्ठी के मुख्य विषय आईसीएस-सेमीकंडक्टर इंडिया 2024 अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। जिसमें अतिथि के रूप में सीएसआईआर-सीईईआरआई के पूर्व वैज्ञानिक डॉ एस के महाजन, ऑटो एनएक्सटी के सह-संस्थापक. पंकज गोयल, एआईपीएच विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार,डॉ पी प्रशांत, सीईओ ज़ेड सॉफ्टलिंक के संस्थापक व सीईओ रोहित कुमार, टीडीसीओबी इंडिया के संस्थापक प्रणय उपाध्याय, कॉर्पोरेट इनोवेशन, टेक स्वदेशीकरण के सायन गांगुली का स्वागत आईआईएमटी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट के डॉयरेक्टर डॉ. अभिन्न बख्शी भटनागर ने किया। इस दौरान सभी अतिथियों ने सेमीकंडक्टर के बारे में विस्तार से बताया।
आईसीएस-सेमीकंडक्टर इंडिया 2024 को लेकर पूर्व वैज्ञानिक डॉ एस के महाजन ने अपने संबोधन में कहा कि आज की दुनिया इलेक्ट्रॉनिक्स के बगैर कुछ भी नहीं है, इलेक्ट्रॉनिक का दिल होता है सेमीकंडक्टर, इसके आधार पर सभी डिवाइस को कंट्रोल करती है। चंद्रयान 3 को भी सेमीकंडक्टर से कंट्रोल किया गया है। कहने का अर्थ है कि सेमीकंडक्टर एक कड़ी के रूप में काम करता है। सेमीकंडक्टर के लिए भारत में पांच कंपनियों को नॉमिनेट किया गया है दो गुजरात में दो असम में और एक ग्रेटर नोएडा के कासना में खोले जाएंगे।
वहीं एक छोटा सा देश ताइवान पूरी दुनिया को 86 प्रतिशत सेमीकंडक्टर चिप्स सप्लाई करता है। आज दुनिया के लगभग सभी देश ताइवान पर निर्भर हैं। दूसरी तरफ नेशनल कॉन्फ्रेंस में आए दूसरे वक्ताओं ने भी सेमीकंडक्टर पर अपने-अपने विचार रखे। इस मौके पर सभी डॉयरेक्टर, डीन, एचओडी व अनेक छात्र मौजूद रहे।
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