(ग्रेटर नोएडा) फार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया द्वारा अनिवार्य आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आईआईएमटी कॉलेज ऑफ़ फ़ार्मेसी, में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में डिजिटल उपस्थिति प्रणाली के माध्यम से पारदर्शिता, अनुशासन एवं जवाबदेही को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम में फार्मेसी काउंसलिंग ऑफ़ इंडिया के उपाध्यक्ष जसुभाई हिराभाई चौधरी , पीसीआई सेंट्रल काउंसिल के सदस्य प्रो. (डॉ.) विभु सहानी, आईआईएमटी कॉलेज समूह के प्रबंध निदेशक डॉ. मयंक अग्रवाल, तथा आईआईएमटी कॉलेज आफ फ़ार्मेसी के निदेशक डॉ. नकुल गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों के स्वागत से हुई। आईआईएमटी कॉलेज समूह के प्रबंध निदेशक डॉ. मयंक अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। अपने स्वागत संबोधन में डॉ मयंक अग्रवाल ने कहा कि एईबीएएस प्रणाली शिक्षा संस्थानों में प्रशासनिक पारदर्शिता और अनुशासन को नई दिशा प्रदान करेगी तथा डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती देगी।
मुख्य अतिथि जसुभाई हिराभाई चौधरी ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी नवाचार समय की आवश्यकता है, और एईबीएएस जैसी प्रणाली संस्थानों को अधिक उत्तरदायी एवं व्यवस्थित बनाएगी। प्रो. (डॉ.) विभु सहानी ने एईबीएएस की कार्यप्रणाली, तकनीकी पहलुओं एवं इसके लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यशाला में दिल्ली–एनसीआर क्षेत्र के 70 से अधिक कॉलेजों के डायरेक्टर, डीन एवं हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट ने भाग लिया। सत्र के दौरान प्रतिभागियों को एईबीएएस के पंजीकरण, संचालन एवं व्यवहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई. इस मौके पर कॉलेज के डीन, हेड ऑफ़ डिपार्मेंट, शिक्षक और अनेक छात्र मौजूद रहे.
