(ग्रेटर नोएडा) हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) द्वारा ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित आईएचजीएफ दिल्ली मेला – स्प्रिंग 2026 लगातार सोर्सिंग की गति और प्रगति के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी लोकप्रियता की पुष्टि कर रहा है। ग्रेटर नोएडा में चल रहे इस मेले में 3000 से अधिक प्रदर्शक और 900 स्थायी शोरूमों के माध्यम से भारत की समृद्ध शिल्प परंपरा, विविध उत्पाद श्रेणियां और पर्यावरण-अनुकूल नवाचारों का व्यापक प्रदर्शन हो रहा है।
ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि मेला वैश्विक खरीदारों और भारतीय शिल्पकारों के बीच मजबूत व्यापारिक संबंध बना रहा है तथा भारतीय हस्तशिल्प की उत्कृष्टता और गुणवत्ता के कारण अंतरराष्ट्रीय आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। वहीं महानिदेशक डॉ. राकेश कुमार ने इसे वैश्विक व्यापारिक जुड़ाव का सशक्त मंच बताया, जहां सतत उत्पाद, प्राकृतिक फाइबर और रीसाइकिल्ड सामग्री आधारित नवाचार खरीदारों को आकर्षित कर रहे हैं।
उपाध्यक्ष सागर मेहता के अनुसार आयोजित सेमिनारों में मुक्त व्यापार समझौतों, नए बाजारों और निर्यात रणनीतियों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। वहीं गौतम नथानी और आनंद जालान ने सस्टेनेबिलिटी और लाइव आर्ट नीलामी को मेले के प्रमुख आकर्षण बताया।
कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने कहा कि मेला नवाचार, परंपरा और आधुनिक डिजाइन का अनूठा संगम बनकर उभर रहा है तथा वित्त वर्ष 2024-25 में हस्तशिल्प निर्यात 33,123 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जो भारतीय शिल्प उद्योग की वैश्विक मजबूती का प्रमाण है।
